Daily Devotion - Jan 14, 2026 (Hindi)- सिद्धान्त ज्ञान परमावश्यक है

Daily Devotion - Jan 14, 2026 (Hindi)- सिद्धान्त ज्ञान परमावश्यक है


सबसे पहले सिद्धान्त ज्ञान आवश्यक है।
गौरांग महाप्रभु ने कहा -
सिद्धान्त बलिये चित्त न कर आलस।
सिद्धांत के ज्ञान में आलस्य मत करो। और वो सिद्धांत का ज्ञान एक बार में टिकाऊ नहीं रहेगा। कलियुग में तो मनुष्य की मेमोरी बहुत ही खराब है। सुबह की बात शाम तक भूल जाती है।
इसलिए - आवृत्तिरस्कृत् उपदेशात् -
बार-बार मन लगाकर सुनो, समझो, और उसका चिंतन करो, तो राधाकृष्ण से आपका प्यार जल्दी-जल्दी आगे बढ़ता जायेगा। संसारी प्यार, संसारी दुश्मनी सोचने से बढ़ती है। ऐसे ही बार-बार चिंतन करने से तत्त्वज्ञान दृढ़ होता है, अन्यथा भूल जाता है।

श्री महाराज जी ने अपने पद और कीर्तन में सिद्धांत का ज्ञान भी भर दिया है, और रस भी भर दिया है। दोनों का ठीक-ठीक पान करना चाहिए। ऐसा नहीं सोचना कि "ये सब तो हमको मालूम है।"
"हमको सब मालूम है" - ये सोचना सबसे बड़ी मूर्खता है। तत्त्व विस्मरणात् भेकिवत् -
अब जो सुना और समझ में आया, वो दो दिन बाद कम बता पाओगे, और दस दिन बाद और भी कम बता पाओगे, और एक महीने बाद ज़्यादा याद नहीं रहता। इसलिए लापरवाही नहीं करना।

इस विषय से संबंधित जगद्गुरूत्तम श्री कृपालु जी महाराज की अनुशंसित पुस्तकें:

Tattvajnan ka Mahatva - Hindi

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Daily Devotion - Jan 22, 2026 (English)- Sharaṇāgati - Surrender to God

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Bhaktiḥ pareśānubhavo viraktir anyatra caiṣa trika ekakālaḥ Prapadyamānasya yathāśnataḥ syus tuṣṭiḥ puṣṭiḥ kṣud-apāyo’nughāsam Ity acyutāṅghri-bhajato’nuvṛttyā bhaktir viraktir bhagavat-prabodhaḥ Bhavanti vai bhāgavatasya rājaṁs tataḥ parāṁ śāntim upaiti sākṣāt (Bhāgavatam 11-2-42, 43) Shri Maharaj Ji has explained these two verses in simple words through a single doha - Hari śaraṇāgati

By Kripalu Bhaktiyoga Tattvadarshan