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वे ही हमारे सर्वस्व हैं- मातृ दिवस विशेष

वे ही हमारे सर्वस्व हैं- मातृ दिवस विशेष

हरि-गुरु ही हमारे सर्वस्व हैं - तू भी मेरा, मैं भी तेरा - यदि इतने का अर्थ कोई समझ ले, तो उसका काम बन जाएगा। संसार में 'मेरा' बहुत सारा होता है - मे

By Kripalu Bhaktiyoga Tattvadarshan